बिहार और ओडिशा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 एक महत्वपूर्ण कानून है जो बिहार और ओडिशा राज्यों में सार्वजनिक मांगों की वसूली के लिए बनाया गया था। यह अधिनियम ब्रिटिश शासनकाल में लागू किया गया था और इसका उद्देश्य सरकारी राजस्व और अन्य सार्वजनिक मांगों की वसूली करना था।
यह अधिनियम उन सभी राशियों पर लागू होता है जिन्हें सरकार 'सार्वजनिक मांग' घोषित करती है। इसमें राजस्व, रॉयल्टी, सरकारी कर और हाल ही में जोड़े गए NI Act के तहत मुआवजे Using the provisions of the Act meant to
Includes any money or arrears due to the government, such as land revenue, taxes, or even loans from certain financial institutions. the Officer cancelled the certificate
यह रिपोर्ट केवल जानकारी के 목적으로 बनाई गई है और इसे किसी भी तरह से कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि आपको इस अधिनियम से संबंधित कोई प्रश्न या समस्या है, तो कृपया एक योग्य वकील या सरकारी अधिकारी से संपर्क करें। such as land revenue
After weeks of tension, the Certificate Officer reviewed the records. He realized a clerical error had swapped Rameshwar’s name with a different debtor. Using the provisions of the Act meant to protect the innocent, the Officer cancelled the certificate